संस्थापक का संदेश


पूज्य संत श्री रमेश भाई शुक्ल जी

प्रभु सेवा परिवार की स्थापना के चार वर्ष पूरे होने पर मेरी हृदय से शुभकामनाये । चारों दिशाओं में इस परिवार के शुभ कार्यो की सुगंध फैले - ऐसी प्रभु से प्रार्थना है ।

चार वर्षो में हम लोगों ने सैकडो भक्तों के साथ चारों धाम में भगवान की कथा गायन किया सात पुरियों में से चार पुरियों में कथा गायन किया - अयोध्या / काशी / हरिद्वार / द्वारिकापुरी और भी कई सेवा कार्य परिवार द्वारा होते रहते है। इस परिवार से और बड़े-बड़े सेवा कार्य संपादित हो ― ऐसी प्रभु से प्रार्थना है ।


आप सब परिवार में जुड़े - औरो को जोड़े
रमेश थाई शुक्ल

राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।
सहस्त्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ।।


प्रभु सेवा परिवार


( इंडिया ट्रस्ट एक्ट, 1882 के तहत निगमित एक
धार्मिक ट्रस्ट पंजिकरण संख्या 1537 /2021)