स्वर्ग से सुन्दर सपनों से प्यारा है अपना गुरूद्वार हम पर रहे बरसता यूँ ही सदगुरू का प्यार सदगुरू का प्यार न टूटे, हमारा गुरूद्वार न छूटे ||
सदगुरू हमारे ऐसे कृपालु कराया रामलला से प्यार सुन्दर महिमा गुरु चरणों की करती भवसागर से पार हमारे गुरू चरणों का प्यार न छूटे हमारा गुरूद्वार न छूटे
नाक कान और गला सुधार कर कथा रसिक बनायां माया का जाल काट कर राम प्रेम जगाया हम पर रहे बरसता यूँ ही सदा गुरू का प्यार गुरु का प्यार न टूटे हमारा गुरूद्वार न छूटे ।।
(श्री जगन्नाथपुरी यात्रा के उपलक्ष्य में)
हमारा प्रभु सेवा परिवार, आया जगन्नाथ के द्वार । ले के श्रद्धा अपार करने प्रेम से पुकार । पूज्य गुरूदेव के साथ, आया पूरा परिवार । बहती कथा की अमृत धार जीवन मे आई बहार ।। हमारा प्रभु सेवा परिवार
दर्शन होवे बारम्बार, प्रभु की कृपा बरसे अपार । गुरूवर वंदन बारम्बार, अध्यक्ष जी का बहुत ही आभार । जो लाये जगन्नाथ के द्वार, जिनकी महिमा अपार ।। हमारा प्रभु सेवा परिवार ......
कर लो जीवन का उद्धार, होगा सबका बेड़ा पार । हमारी प्रेम से पुकार, प्रभु जी कर लो स्वीकार । भक्ति दीजै अपार । करिए भवसागर से पार ।। हमारा प्रभु सेवा परिवार ...............
ये 'प्रभु सेवा धाम' निराला, मिलता यहाँ ज्ञान भक्ति का प्याला । विकास नगर लखनऊ वाला, लखन लाल का नगर निराला ||
पूज्य गुरूदेव का आवास जहाँ, प्रभु की कथा की खान यहाँ । जग में ऐसा आनन्द कहाँ, प्रभु सेवा का अभियान यहाँ ||
पूज्य गुरूदेव का पूरा परिवार, प्रभु से करता बहुत प्यार | सबको जोड़कर बनाया प्रभु सेवा परिवार, जिससे हो जाये हम सबका उद्धार । ।