शुभकामना संदेश


श्री रमेश कुमार दीक्षित

मुझे अत्यन्त प्रसन्नता हो रही है कि प्रभु सेवा परिवार की इस वर्ष वार्षिकी प्रकाशित हो रही है। वास्तव में प्रभु सेवा परिवार संस्था नहीं है बल्कि स्वयं में सन्तों का समूह है या ये कहें कि यह सन्त समाज है। इस परिवार / समाजसे जुड़ने पर आनन्द की प्राप्ति और मंगल की अनुभूति होती है । जैसा कि रामचरित मानस में कहा गया है:-

"मुद मंगल मय सन्त समाजू, जिमि जग जंगम तीरथ राजू "
प्रभु सेवा परिवार की एक और विशेषता है कि:-
”सोइ जानइ जेहि देहू जनाई, जानत तुमहि तुमहि हो जाई "

पूज्य गुरू जी (संस्थापक, प्रभु सेवा परिवार) अपने नाम ( श्री रमेश भाई शुक्ल जी) के अनूरूप स्वयं विष्णु स्वरूप हैं तथा श्री सतीश जी (अध्यक्ष, प्रभु सेवा परिवार), जो शिवस्वरूप हैं, क्योंकि सतीश नाम शिव का ही पर्याय है और शिव का एक अर्थ विश्वास भी होता है, दोनों की छत्रछाया में प्रभु सेवा परिवार का सन्त समूह श्रेष्ठता प्राप्त कर रहा है तथा अध्यात्म की ओर निरन्तर अग्रसर हो रहा है अर्थात उर्ध्वगामी बन रहा है । यह कहना अतिश्योक्ति न होगी कि जब विष्णु स्वरूप संस्थापक पूज्य गुरु जी तथा शिव स्वरूप (अध्यक्ष, श्री सतीश जी का सानिध्य हम सभी को मिलता है तो ब्रह्म की प्राप्ति में कोई संदेह नहीं रह जाता। यही मानव जीवन का परम लक्ष्य है |

इस जगत में मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है जिसे प्रकृति से श्रेष्ठता का दर्जा प्राप्त है। इसका कारण अन्य जीवो की अपेक्षा इसमें बुद्धि तत्व और हृदय तत्व की प्रधानता है । बुद्धि तत्व की प्रधानता सांसारिक विषयों की ओर अग्रसर करती है। रामचरित मानस के अनुसारः-

"पाप करत निसि वासर जाहि ।
नहि कटि पट नहि पेट अघाहीं । ।"

जबकि हृदय तत्व की प्रधानता से प्रेम, त्याग, दया, करूणा, ममता, परोपकार आदि भावनायें प्रबल होती है। प्रभु सेवा परिवार से जुड़ने के पश्चात् हृदय तत्व की प्रधानता का प्रादुर्भाव हुआ है । यह सन्त मिलन से ही सम्भव है । रामचरित मानस में कहा गया है:-

"नहि दरिद्र सम दुख जगमाही ।
सन्त मिलन सम सुख जग नाहीं । ।

दरिद्रता का अर्थ गरीबी या धनहीनता नहीं है। पूज्य गुरू जी के अनुसार ज्ञान की दरिद्रता, भाव की दरिद्रता, वाणी की दरिद्रता, विचार की दरिद्रता, वुद्धि की दरिद्रता, चिन्ता की दरिद्रता, मोह की दरिद्रता, होती है।

जीवन में भौतिक आवश्यकता की पूर्ति और उसके निमित होने वाली परीक्षा उत्तीर्ण करने की दृष्टि से शिक्षा देनेवाला शिक्षक होता है, किन्तु आदर्श शिक्षक यानि गुरू वही होता है जो पल भर के लिए भी शिष्य उनके सानिध्य में आये तो स्वयं के अपने सदाचरण का प्रत्ययरोपण अपने शिष्य में कर दे। यह मेरा अपना अनुभव है कि प्रभु सेवा परिवार से जुड़ने के पश्चात् मुझे अध्यात्म की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा तथा ईश्वर की प्राप्ति के लिए उर्ध्वगामी गति प्राप्त हुई है, जो पूज्य गुरु जी से ही सम्भव है । पूज्य गुरू जी से ही कामदगिरी दर्शन, चारो धाम (उत्तराखण्ड) यात्रा तथा पूर्णागिरी के दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ ।

पुन: मैं पूज्य गुरु जी (संस्थापक) तथा श्री सतीश जी (अध्यक्ष) का हृदय से आभार प्रकट करता हूं, जिनका सानिध्य एवं मार्गदर्शन पाकर मैं अत्यन्त कृतज्ञ एवं अभिभूत हूं ।

अत्यन्त शुभकामनाओं सहित,

जय सियाराम



सुश्री शिप्रा दीक्षित

प्रभु सेवा परिवार अपने नाम के अनुरूप है, क्योंकि यह एक संस्था से कहीं अधिक एक परिवार ही है। इस परिवार से जुड़े सभी व्यक्ति गुरूजी के मार्गदर्शन एवं सानिध्य में अध्यात्म के मार्ग पर चलते हुए परमार्थ में तत्पर हैं । श्री जी गुरू के विषय में कहने के लिए मेरे शब्दकोष में न ही उतने शब्द हैं और न ही मेरा ज्ञान उतना परिपक्व है जो उनके व्यक्तित्व को शब्दों में बाँध सकूँ क्योंकि गुरू जी स्वयं कहते हैं कि गुरू कोई व्यक्ति नहीं है गुरू तत्व है। कबीर दास जी ने कहा है:-

"सब धरती कागद करूँ लेखनी सब वनराय,
सात समुंद्र की मसी करूँ गुरू गुण लिखा न जाए ।"

फिर भी यह लिखना आवश्यक है कि गुरू जी अपनी कथाओं में अत्यन्त गूढ़ विषयों को जिस प्रकार सरलता से समझा देते हैं यही उनके व्यक्तित्व का प्रमाण है । बहुत ही सरल व बहुत ही सहज हैं। सागर की भांति ज्ञान अपने अन्दर समेटे हुए हैं पर कोई अहंकार नहीं है। उनकी सकारात्मक उर्जा का अनुभव आपको तब होता है जब उनके सानिध्य मात्र से कई अध्यात्मिक शंकाओं और प्रश्नो का समाधान स्वतः ही हो जाता है और आश्चर्य भी होता है कि कैसे हमारे उन प्रश्नो के उत्तर मिल गए जो हमने पूछे ही नहीं । अदभुत है यह प्रभु सेवा परिवार, अतुलनीय है गुरू जी ।
प्रभु सेवा परिवार के अध्यक्ष श्री सतीश श्रीवास्तव जी के विषय में मैं सहर्ष ही लिख सकती हूँ कि

"राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराउँ गली गली,
ले लो कोई राम का प्यारा शोर मचाउँ गली गली”

यही उनके जीवन का सिद्धांत है । निःस्वार्थ भाव से परहित के लिए तन मन धन से प्रभु नाम का प्रसार ही उनके जीवन का एक मात्र उद्देश्य प्रतीत होता है । अत्यन्त सहज, शान्त अध्यात्मिक व्यक्तित्व हैं । श्री सतीश जी बहुत ही कर्मठता व परिश्रम के साथ इस पुनीत कार्य में संलग्न हैं ।

प्रभु सेवा परिवार की स्थापना की वर्षगाँठ पर प्रभु सेवा परिवार व आप सभी भक्तों को बहुत बहुत शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि हे प्रभु इस पुनीत कार्य से जुड़े भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें व उत्तरोत्तर आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करें, परिवार के संकल्प को पूरा करने हेतु सदैव सहयोग, सानिध्य एवं शुभाशीष प्रदान करें ।

पुनः आप सभी को अनेकानेक अशेष, अकण्ठ एवं असीमित शुभकामनाएं व बधाई ।

जय सियाराम

कथाओं का विवरण
श्री कृष्ण कथा (खरसिया छत्तिसगढ़) 15/01/2025 से 23/01/2025    |    शिव कथा (मूड़पार हसौद छत्तिसगढ़) 24/01/2025 से 31/01/2025    |    श्री राम कथा (प्रयाग उ०प्र०) 02/02/2025 से 12/02/2025    |    श्रीमद् भागवत कथा (एम रोड लखनऊ उ०प्र०) 13/02/2025 से 20/02/2025    |    श्री कृष्ण कथा (मालकान गिरि उड़ीसा) 22/02/2025 से 28/02/2025    |    श्रीमद् भागवत कथा (शुक्रताल उ०प्र०) 04/03/2025 से 11/03/2025    |    श्री भक्तमाल कथा (चौरी बाजार भदोही उ०प्र०) 16/03/2025 से 23/03/2025    |    श्री हनुमत कथा (गुमावा राय बरेली उ०प्र० ) 24/03/2025 से 31/03/2025    |    श्री राम कथा (गायत्री पुरन सन्त कबीर नगर उ०प्र० ) 02/04/2025 से 10/04/2025    |    श्रीमद् भगवत कथा (सेक्टर-29, चण्डीगढ़) 12/04/2025 से 19/04/2025    |    श्री हनुमत कथा (सेक्टर- 20, चण्डीगढ़) 19/04/2025 से 27/042025    |    श्री राम कथा (जानकीपुरम लखनऊ, उ०प्र०) 28/04/2025 से 06/05/2025    |    शिव कथा (रावन खीदरा छत्तिसगढ़) 09/05/2025 से 15/05/2025    |    गऊ कथा (त्रिवेनी नगर लखनऊ उ०प्र०) 17/05/2025 से 23/05/2025    |    शिव कथा (तिघरा रीवा, म०प्र०) 25/05/2025 से 02/06/2025    |    श्री राम कथा (बडहल गंज गोरखपुर उ0प्र0) 11/06/2025 से 19/06/2025    |    श्री राम कथा (पूणे महाराष्ट्र) 22/06/2025 से 29/06/2025    |    दशरथ चरित गुरूपूर्णिमा विशेष (लखनऊ उ०प्र०) 07/07/2025 से 10/07/2025    |    शिव कथा (लखनऊ उ०प्र०) 13/07/2025 से 17/7/2025    |    मीरा चरित्र (हावड़ा पoबं०) 20/07/2025 से 27/07/2025    |    श्रीराम कथा (लिलुआ, हावड़ा पoबं०) 31/07/2025 से 08/08/2025    |    भूटान यात्रा (भूटान यात्रा) 09/08/2025 से 12/08/2025    |    श्रीलंका यात्रा (श्रीलंका यात्रा) 14/08/2025 से 21/08/2025    |    श्री राम कथा ((अमेठी उ०प्र०) 23/08/2025 से 02/09/2025    |    श्रीमद् भागवत कथा (हरिद्वार, उतराखण्ड) 06/09/2025 से 13/09/2025    |    सुल्तान पुर, उत्तर प्रदेश (17 सितम्बर 2023 से 27 सितम्बर 2023)    |    कन्नौज, उत्तर प्रदेश (03 अक्टूबर 2023 से 13 अक्टूबर 2023)    |    पचौरा ग्वालियर, मध्य प्रदेश (15 अक्टूबर 2023 से 23 अक्टूबर 2023)    |    उदयपुर, राजस्थान (15 नवम्बर 2023 से 23 नवम्बर 2023)    |    खदरा लखनऊ, उत्तर प्रदेश (25 नवम्बर 2023 से 03 दिसम्बर 2023)    |    पतरा, मध्य प्रदेश (15 दिसम्बर 2023 से 22 दिसम्बर 2023)    |    जगनन्‍नाथपुरी धाम, उड़ीशा (26 दिसंबर 2023 से 01 जनवरी 2024)    |    मुम्बई, महाराष्ट्र (05 जनवरी 2024 से 13 जनवरी 2024)    |    लखनऊ, उत्तर प्रदेश (16 जनवरी 2024 से 26 जनवरी 2024)    |    छत्तीसगढ़ (02 फरवरी 2024 से 08 फरवरी 2024)    |    रायगढ़, छत्तीसगढ़ (10 फरवरी 2024 से 18 फरवरी 2024)    |    गोरखपुर, उत्तर प्रदेश (21 फरवरी 2024 से 28 फरवरी 2024)    |    गोविन्द साहिब अकबरपुर, उत्तर प्रदेश (29 फरवरी 2024 से 08 मार्च 2024)    |    चौरी, उत्तर प्रदेश (28 मार्च 2024 से 05 अप्रैल 2024)    |    बड़ोदा, गुजरात (09 अप्रैल 2024 से 17 अप्रैल 2024)    |    पचौरा ग्वालियर, मध्य प्रदेश (26 सितम्बर 2022 से 04 अक्टूबर 2022)    |    महेवा इटावा, उत्तर प्रदेश (05 अक्टूबर 2022 से 13 अक्टूबर 2022)   |    अयोध्या, उत्तर प्रदेश (14 अक्टूबर 2022 से 22 अक्टूबर 2022)   |    विकास नगर लखनऊ, उत्तर प्रदेश (27 अक्टूबर 2022 से 03 नवम्बर 2022)   |    खदरा लखनऊ, उत्तर प्रदेश (05 नवम्बर 2022 से 13 नवम्बर 2022)   |    प्रयाग, उत्तर प्रदेश (16 नवम्बर 2022 से 24 नवम्बर 2022)   |    सीतापुर, उत्तर प्रदेश (26 नवम्बर 2022 से 02 दिसम्बर 2022)   |    चित्रकूट, मध्य प्रदेश (03 दिसम्बर 2022 से 11 दिसम्बर 2022)   |    गोरखपुर, उत्तर प्रदेश (13 दिसम्बर 2022 से 20 दिसम्बर 2022)   |    दक्षिणी भारत की यात्रा एवं राम कथा (24 दिसम्बर 2022 से 07 जनवरी 2023)   |    करनैल गंज गोंडा, उत्तर प्रदेश (08 जनवरी 2023 से 18 जनवरी 2023)   |    लखनऊ, उत्तर प्रदेश (24 जनवरी 2023 से 26 जनवरी 2023)   |    प्रयाग, उत्तर प्रदेश (29 जनवरी 2023 से 06 फरवरी 2023)   |    भेड़ी कोना छत्तीसगढ़ (10 फरवरी 2023 से 18 फरवरी 2023)   |    नादौन, हिमाचल प्रदेश (20 फरवरी 2023 से 24 फरवरी 2023)   |    गोपी गंज, उत्तर प्रदेश (26 फरवरी 2023 से 6 मार्च 2023)   |    चंदौसी, उत्तर प्रदेश (10 मार्च 2023 से 18 मार्च 2023)   |    चंडीगढ़ (22 मार्च 2023 से 30 मार्च 2023)   |    बढहल गंज, उत्तर प्रदेश (01 अप्रैल 2023 से 09 अप्रैल 2023)   |    पुटकापुरी, छत्तीसगढ़ (11 अप्रैल 2023 से 18 अप्रैल 2023)   |    उत्तराखण्ड (22 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023)   |    रायगढ़, छत्तीसगढ़ (04 मई 2023 से 12 मई 2023)   |    घुलिया, महाराष्ट्र (13 मई 2023 से 21 मई 2023)   |    गोपाल गंज, विहार (25 मई 2023 से 02 जून 2023)   |    जानकी पुरम लखनऊ, उत्तर प्रदेश (05 जून 2023 से 13 जून 2023)   |    लखीमपुर, उत्तर प्रदेश (15 जून 2023 से 19 जून 2023)   |    अलीगंज, लखनऊ (20 जून 2023 से 30 जून 2023)   |    अयोध्या, उत्तर प्रदेश (02 जुलाई 2023 से 10 जुलाई 2023)   |    कोलकाता, पश्चिम बंगाल (15 जुलाई 2023 से 23 जुलाई 2023)   |    लखीमपुर, ऊत्तर प्रदेश (26 जुलाई 2023 से 06 अगस्त 2023)   |    बद्रीनाथ ध्वाम, उत्तराखण्ड (09 अगस्त 2023 से 23 अगस्त 2023)   |    अमृतसर, पंजाब (21 अगस्त 2023 से 28 अगस्त 2023)   |    चंडीगढ़ (03 सितम्बर 2023 से 10 सितम्बर 2023)   |    द्वारिकापुरी, गुजरात (24 दिसम्बर 2024 से 02 जनवरी 2022)    |    लखनऊ, उत्तर प्रदेश (22 जनवरी 2022 से 26 जनवरी 2022)    |    चित्रकूट, मध्यप्रदेश (11 फरवरी 2022 से 03 फरवरी 2022)    |    इटावा, ऊत्तर प्रदेश (22 फरवरी 2022 से 03 मार्च 2022)    |    भिवानी, हरयाणा (03 मार्च 2022 से 10 मार्च 2022)    |    कोपागंज, मऊ (24 मार्च 2022 से 01 अप्रैल 2022)    |    सीतापुर, उत्तर प्रदेश (02 अप्रैल 2022 से 10 अप्रैल 2022)    |    हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश (21 अप्रैल 2022 से 28 अप्रैल 2022)    |    पटियाला, पंजाब (09 मई 2022 से 17 मई 2022)    |    चार धाम यात्रा, उत्तराखण्ड (19 मई 2022 से 31 मई 2022)    |    लखीमपुर, उत्तर प्रदेश (12 जून 2022 से 18 जून 2022)    |    बैंगलौर, कर्नाटक (20 जून 2022 से 3० जून 2022)    |    पशुपति नाथ, नेपाल यात्रा (02 जुलाई 2022 से 05 जलाई 2022)    |    गुरू पूर्णिमा, लखनऊ (08 जुलाई 2022 से 13 जुलाई 2022)    |    लिलुवा, कोलकाता (18 जुलाई 2022 से 25 जुलाई 2022)    |    अजमेर, उत्तर प्रदेश (27 जुलाई 2022 से 04 अगस्त 2022)    |    सेक्टर 46, चंडीगढ़ (15 अगस्त 2022 से 22 अगस्त 2022)    |    सेक्टर 30बी, चंडीगढ़ (25 अगस्त 2022 से 02 सितम्बर 2022)    |    'टनकनपुर, उत्तराखण्ड (04 सितम्बर 2022 से 14 सितम्बर 2022)    |    लखनऊ, उत्तर प्रदेश (26 सितंबर 2022 से 04 अक्टूबर 2022)    |    पचौरा, मध्यप्रदेश (05 अक्टूबर 2022 से 13 अक्टूबर 2022)    |    महेबा इटावा, उत्तर प्रदेश (14 अक्टूबर 2022 से 22 अक्टूबर 2022)    |    अयोध्या, उत्तर प्रदेश (27 अक्दूबर 2022 से 04 नवंबर 2022)    |    लखनऊ, उत्तर प्रदेश (05 नवंबर 2022 से 13 नवंबर 2022)    |    लखनऊ, उत्तर प्रदेश (17 नवंबर 2022 से 25 नवंबर 2022)    |    प्रयाग, उत्तर प्रदेश (26 नवंबर 2022 से 02 दिसबर 2022)    |    सीतापुर, उत्तर प्रदेश (03 दिसंबर 2022 से 11 दिसबर 2022)    |    चित्रकूट मध्य प्रदेश (13 दिसंबर 2022 से 20 दिसबर 2022)    |    गोरखपुर शहर उत्तर प्रदेश (24 दिसंबर 2022 से 07 जनवरी 2022)    |    दक्षिण भारत यात्रा (08 जनवरी 2022 से 16 जनवरी 2023)    |    रायपुर छत्तीसगढ़ (18 जनवरी 2022 से 26 जनवरी 2023)    |    हरिद्वार उत्तराखंड (29 जनवरी 2022 से 06 फरवरी 2023)    |    प्रयाग, उत्तर प्रदेश (10 फरवरी 2022 से 18 फरवरी 2023)    |    छत्तीसगढ (19 फरवरी 2022 से 23 फरवरी 2023)    |    शिमला हिमाचल प्रदेश (25 फरवरी 2022 से 28 फरवरी 2023)    |    -->

राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।
सहस्त्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ।।


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